जयपुर जिले की विराटनगर तहसील में कृषि भूमि उपयोग में आधुनिकीकरण का अध्ययन
Author(s): डाॅ. राजबाला साईवाल, माली राम यादव
Abstract: कृषि भूमि उपयोग में आधुनिकीकरण का तात्पर्य कृषि भूमि उपयोग में परिवर्तन, नई तकनीक, मशीनीकरण, रासानिक खाद, नई किस्म के उन्नत बीज, विभिन्न कीटनाशक दवाईयाँ, उन्नत सिंचाई, कीट प्रतिरोधी फसलें, जीवाणु खाद, उचित विपणन आदि का कृषि में उपयोग है जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होती है। किसान जीवन निर्वहन, कृषि से ऊपर उ कर व्यापारिक कृषि की ओर बढ़ने लगे हैं, जिससे उनकी सम्पन्नता भी बढ़ी है। कृषि में आधुनिकीकरण एक वैश्विक पहलू है। भूमण्डलीकरण के द्वारा भारतीय बाजार संसार के लिए खुल गये हैं। इसके द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार पर सरकारी नियन्त्रण कम हुआ है तथा आयात-निर्यात से संबंधित नीतियों में उदारता आ गयी है। अब कृषि उत्पादों समेत अन्य उत्पादों का भारत आयात-निर्यात करता है। राजस्थान राज्य में भी इसी प्रकार कृषि भूमि उपयोग में आधुनिकीकरण प्रारम्भ हुआ जिसके फलस्वरूप कृषि उत्पादन क्षेत्र, उत्पादकता तथा उत्पादन में तीव्र वृद्धि हुई है। जयपुर जिले की विराटनगर तहसील भी कृषि भूमि उपयोग में आधुनिकीकरण की तकनीकों से अछूती नहीं है। आधुनिकीकरण प्रक्रिया के अन्तर्गत नई-नई तकनीकों एवं वैज्ञानिक विधियों का प्रयोग किया जाने लगा जिसके परिणामस्वरूप आर्थिक एवं तकनीकी क्षेत्र में विकास स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। कृषि भूमि उपयोग में आधुनिकीकरण के लिए कृषि भूमि उपयोग में परिवर्तन का अत्यधिक महत्व रहा है, क्योंकि कृषि योग्य भूमि पर विभिन्न गैर-कृषिगत कार्यों संबंधी गतिविधियाँ संचालित होने लगी हैं, साथ ही कृषि अयोग्य भूमि को कृषि योग्य भूमि में परिवर्तित किया जा रहा है।
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डाॅ. राजबाला साईवाल, माली राम यादव. जयपुर जिले की विराटनगर तहसील में कृषि भूमि उपयोग में आधुनिकीकरण का अध्ययन. Int J Multidiscip Trends 2023;5(4):09-13.