आधुनिक हिंदी कविता का विकासः ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, विचारधाराएँ और आलोचनात्मक विश्लेषण
Author(s): सुश्री सविता, नूर अफशान
Abstract: आधुनिक हिंदी कविता का विकास भारतीय समाज और संस्कृति के परिवर्तनशील पहलुओं को व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम रहा है। इस शोध पत्र में आधुनिक हिंदी कविता के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, विचारधाराओं और आलोचनात्मक विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह शोध पत्र हिंदी कविता के विकास की ऐतिहासिक यात्रा को समझने के लिए संस्कृत साहित्य, भक्ति काल, रीतिकाव्य, और 19वीं शताब्दी की प्रारंभिक आधुनिकता से लेकर 20वीं शताब्दी की शुरुआत तक के काव्य प्रवृत्तियों का विश्लेषण करता है। साथ ही, स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों का कविता पर प्रभाव और समकालीन विचारधाराओं की भूमिका को भी उजागर किया गया है। आधुनिक हिंदी कविता में विचारधारा, काव्यशैली, और कवियों के योगदान का विस्तृत आलोचनात्मक अध्ययन किया गया है। इस शोध पत्र का उद्देश्य पाठकों को हिंदी कविता के विकास, सामाजिक परिवर्तन और काव्यधारा के बीच संबंध को समझने में मदद करना है।
Pages: 118-120 | Views: 1048 | Downloads: 446Download Full Article: Click Here
How to cite this article:
सुश्री सविता, नूर अफशान. आधुनिक हिंदी कविता का विकासः ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, विचारधाराएँ और आलोचनात्मक विश्लेषण. Int J Multidiscip Trends 2025;7(7):118-120.