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International Journal of Multidisciplinary Trends
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2025, Vol. 7, Issue 7, Part A

स्कूली बच्चों में फास्टफूड सेवन प्रचलन में माता-पिता की बाल स्वास्थ्य के प्रति दृष्टिकोण का प्रभाव


Author(s): मनीषा कुमारी

Abstract: भारत की 144 करोड़ जनसंख्या में लगगग 0-14 वर्ष के बच्चों का प्रतिशत कुल जनसंख्या का 25-30% है। आज आधुनिक जीवन शैली और आहार संबंधी आदतो के कारण प्रत्येक व्यक्ति फास्टफूड का सेवन सप्ताह में कम से कम एक दो बार अवश्य ही करता है। खास तौर पर बच्चें ऐसे फूड का सेवन अधिक करते हैं। ऐसा नही है कि भोजन के विकल्प नहीं है, बल्कि कई देशी एवं पारम्परिक भोजन शीघ्रता से बनाए, परोसे एवं खिलाये जा सकते हैं ऐसे व्यंजन स्वाद एवं सेहत से भरपूर होते है फिर भी बच्चें देशी व्यंजन पसंद नहीं करते है। आकर्षक विज्ञापन, दोस्तो की देखा देखी, अभिभावको की खुली छूट बच्चों में मोटापा, ह्रदय रोग, मधुमेह, पाचन संबंधी विकार की बड़ी वजह है। प्रस्तुत शोध के माध्यम से बच्चो के स्वास्थ्य के आकलन के साथ माता पिता की भूमिका का विश्लेषण किया गया है। इसके अतिरिक्त स्वस्थ खानपान व्यवस्था के प्रति जागरुकता के लिए सुझाव प्रस्तुत प्रस्तुत किए गये है। न्यू इंग्लैण्ड जर्नल आफ मेडिसिन के अनुसार भारत में 1 करोड़ 44 लाख बच्चे मोटापे के शिकार हैं। शिक्षा जागरुकता स्वास्थ्य विकल्प की उपलब्धता, सशक्त नीतियों के माध्यम से व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं सामाजिक सहयोग से बच्चों में स्वस्थ खानपान आदतों को बढ़ावा दे सकते है।

DOI: 10.22271/multi.2025.v7.i7a.738

Pages: 53-55 | Views: 1339 | Downloads: 147

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How to cite this article:
मनीषा कुमारी. स्कूली बच्चों में फास्टफूड सेवन प्रचलन में माता-पिता की बाल स्वास्थ्य के प्रति दृष्टिकोण का प्रभाव. Int J Multidiscip Trends 2025;7(7):53-55. DOI: 10.22271/multi.2025.v7.i7a.738
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