मध्यकालीन पश्चिमी राजस्थान में मल्लिनाथ का लोक देवता के रूप में उत्कर्ष का ऐतिहासिक विश्लेषण
Author(s): डाॅ. चन्द्रशेखर
Abstract: मल्लिनाथ मध्यकालीन पश्चिमी राजस्थान के प्रमुख लोक देवता के रूप में विख्यात हुए । वे कोई पौराणिक देवता नहीं थे, अपितु राठौर वंशी स्थानीय शासक थे जिन्होंने अपनी वीरता और सैनिक कुशलता के बल पर अपनी राजपूती अस्मिता को दृढता से स्थापित किया जब अपने पैतृक भू भाग को पुनः अधीन किया । मल्लिनाथ ने महेला के आसपास के क्षेत्रों को जीत राठौर की सत्ता को सुरक्षित एवम सुदरढता प्रदान की । परन्तु मल्लिनाथ ने राजपूती परम्परा का - युद्ध एवम् लूटमारी गतिविधियों का त्याग कर, अपना जीवन निम्न वर्गों की समाजिक समानता के लिए, उनके हितार्थ के लिए जो कार्य किये, उनसे मल्लिनाथ को लोक देवता का दर्जा दिया गया द्य उनके स्थलो पर मेलो का आयोजन होने लगा। यह एक नई पंथीय धार्मिकता के ऊभार का संकेत था ।
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How to cite this article:
डाॅ. चन्द्रशेखर. मध्यकालीन पश्चिमी राजस्थान में मल्लिनाथ का लोक देवता के रूप में उत्कर्ष का ऐतिहासिक विश्लेषण. Int J Multidiscip Trends 2022;4(2):166-169.