सन्ध्योपासनाकाविधान, महत्त्वएवंउद्देश्य
Author(s): Dr. Gauri Bhatnagar
Abstract: यहविषयअत्यधिकगहनचिन्तनयुक्त, परन्तुउपयोगीहै।आर्योंकासर्वश्रेष्ठमन्त्रात्मककर्मसन्ध्योपासनाहै, जोउपनयनसंस्कारकेपश्चात्द्विजकाअत्यन्तआवश्यककर्महैसन्ध्योपासनावेदमूलकनित्यकर्महै, साथहीयहअन्तःकरणकीशुद्धिकामुख्यसाधनहै।स्नान, सन्ध्या, जप, होम, देवपूजन, आतिथ्यतथावैश्वदेव - विप्रकेइननित्यषट्कर्मोंमेंसन्ध्योपासनासर्वप्रमुखहै।यहअहोरात्रपर्यन्तजीवनकोनियमबद्धकरनेकीभावनासेपरिपूर्णहै।
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How to cite this article:
Dr. Gauri Bhatnagar. सन्ध्योपासनाकाविधान, महत्त्वएवंउद्देश्य. Int J Multidiscip Trends 2021;3(2):13-15.